खगड़िया(राजेश सिन्हा)।

 

जिले के  परबत्ता में नगर निकाय चुनाव के दौरान चल रही नामांकन प्रक्रिया के बीच परबत्ता के प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार द्वारा किए गए कारनामे को लोग भूला पा नहीं पा रहे हैं।लेनिन नगर तेमथा गांव के दो छात्रों पर बर्बरतापूर्ण तरीके से थप्पड़ बरसाए जाने के मामले में दोषी साबित हो चुके परबत्ता बीडीओ अखिलेश कुमार के विरुद्ध ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की भी जाएगी या नहीं,यह तो शासक-प्रशासक ही जानें, लेकिन रह-रहकर लोगों का गुस्सा फूट रहा है और आक्रोशित लोग अपने-अपने तरीके से विरोध भी दर्ज करा रहे हैं।दोषी पाए गए परबत्ता के बीडीओ अखिलेश कुमार का अब भी पूर्ववत कार्यरत रहना लोगों को नागवार लग रहा है।इसी कड़ी में बीते शनिवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन की परबत्ता इकाई ने लगभग दो दर्जन छात्र-छात्राओं के साथ परबत्ता के तोरण द्वार से चलकर ब्लॉक गेट के सामने पहुंचकर प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश कुमार का पुतला दहन किया।परबत्ता के एआईएसएफ़ अंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा के नेतृत्व में निकाले गए जुलूस में शामिल छात्र-छात्राओं ने 'डीएम साहब चुप्पी तोड़ो'के नारे भी लगाए।खगड़िया के डीएम का ध्यान परबत्ता विधानसभा की तरफ आकर्षित करने की भरपूर कोशिश भी की।लेकिन यहां यह बताना जरुरी है कि,दो छात्रों पर बर्बरता पूर्वक थप्पड़ और लाठियां बरसाए जाने के मामले में डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने त्वरित कदम उठाते हुए जांच टीम गठित किया था।चार सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट पर परबत्ता बीडीओ को दोषी पाते हुए डीएम ने विधिसम्मत कार्रवाई के लिए ग्रामीण विकास विभाग को पत्र भी लिख दिया था।बावजूद दोषी बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होना लोगों के समझ से परे है।खैर!

पुतला दहन के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के जिला सह-सचिव छात्र नेता प्रशांत सुमन ने अपने संबोधन में कहा कि,प्रखंड विकास पदाधिकारी का काम होता है प्रखंड का विकास करना, न कि छात्रों को बर्बरतापूर्वक पीटना।बीडीओ साहब ने सम्मानजनक पद पर रहकर पद की गरिमा को धूमिल करने का काम किया है।यह प्रखंड विकास पदाधिकारी हमलोगों के बर्दाश्त से बाहर हैं।अगर उन लोगों की मांग पूरी नहीं होगी,तो वह लोग चरण बद्ध आंदोलन करेंगे,लेकिन अपनी बात मनवाकर रहेंगे।

परबत्ता अंचल अध्यक्ष बिट्टू मिश्रा ने कहा कि,परबत्ता में अधिकारियों के गठजोड़ के कारण जनता को लूटा जा रहा है।लाठीबाज बीडीओ ने जिन दो छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठियां बरसायी,वह छात्र बीएसएफ के दौड़ में शामिल होने को ले जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल गए थे।लेकिन बीडीओ ने छात्रों के भविष्य को गर्त में झोंकने का काम किया।ऐसे अधिकारियों से परबत्ता को मुक्त कराने के लिए एआईएसएफ लगातर आंदोलनरत है।यदि बीडीओ को यहां से हटाया नहीं गया, तो हमलोग संगठित होकर लगातर प्रभावशाली आन्दोलन करते रहेंगे।

अंचल सचिव चार्ली आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि, हमलोग उस विधानसभा के वासी हैं,जिसमें बीडीओ लाठीबाज़ और अस्पताल प्रभारी दारुबाज हैं।यह अपने आप में शर्मनाक बात है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के सक्रिय सदस्य नीतीश कुमार, पीड़ित छात्र संजीत कुमार और सुप्रभाष कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने भी कमोवेश यही कहा।