राजेश सिन्हा 'जिहाद' व 'धर्मांतरण' से संबंधित खगड़िया जिला के दो चर्चित मामले को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा आज शनिवार अर्थात 3जुलाई को जिलाधिकारी डॉक्टर आलोक रंजन घोष तथा पुलिस कप्तान अमितेश कुमार को उनके कार्यालय कक्ष में ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन सौंपने के पश्चात विश्व हिन्दू परिषद के खगड़िया जिलाध्यक्ष नितिन कुमार चुन्नु ने पत्रकारों को बताया कि महेशखूंट थाना कांड (संख्या 69/2021) तथा खगड़िया नगर थाना कांड (संख्या 497/2021) से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया गया है।                                   

                                       श्री चुन्नु के मुताबिक, खगड़िया जिले में 'जिहाद' व 'धर्मांतरण' से संबंधित शिकायतें लगातार प्रकाश में आ रही हैं।इससे यह साबित होता है कि 'धर्मांतरण' व 'जिहाद' के माध्यम से हिंदुओं के खिलाफ जिहादी मानसिकता रखने वालों की खतरनाक साजिश बहुत तेजी से समाज में बढ़ रही है।वर्तमान में खगड़िया जिले से संबंधित जिहाद के दोनों अपराधिक वाद अनुसंधान में है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महेशखूंट थाना कांड (संख्या 69/21) व खगड़िया नगर थाना कांड (संख्या 497/21) सहित कई अन्य दबाए गए मामले शामिल हैं।

धर्मांतरण के संबंध में भी जिले में 'ईसाई मिशनरी'एवं 'जिहादियों' की एक खतरनाक साजिश लगातार कमजोर तबके के हिंदू भाई बहनों से मिलकर उन्हें गुमराह कर, जबरन न केवल उन्हें धर्म परिवर्तन हेतु उकसाया जा रहा है,बल्कि राष्ट्र विरोधी साजिशों के माध्यम से अपने ही राष्ट्र के खिलाफ उनके मन में विरोधी भावना जागृत की जा रही हैं।

                              जिलाध्यक्ष ने कहा कि महेशखूंट थाना में दर्ज कांड (संख्या 69/2021) के मामले में लगातार पीड़ित परिवार के लोग जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।परंतु जिला प्रशासन द्वारा पिछले दो महीने से अब तक केवल आश्वासन ही दिया जाता रहा है।उन्होंने कहा कि, खगड़िया नगर थाना कांड (संख्या 497/21) में पीड़ित परिवार की स्थिति काफी दयनीय है।घटना के बाद अब तक कई बार अपराधियों द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को जान से मारने की धमकी दी गयी है।बावजूद इसके जिला प्रशासन कुंभकर्णी निंद्रा में सोई हुई है।इसलिए स्थानीय पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन को इस मामले में सूचित करना विश्व हिंदू परिषद अपना कर्तव्य समझता है।उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञापन सौंपने के बाद वह लोग उम्मीद करते हैं कि, जिला प्रशासन द्वारा उपरोक्त दोनों मामलों में जल्द ही संज्ञान लेते हुए कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।अगर दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई,तो जिला प्रशासन के खिलाफ संगठन द्वारा चरणबद्ध जन आंदोलन किया जाना उनलोगों के लिए बाध्यता होगी।