जिला संवाददाता

     

पटना।भ्रष्टाचार के आरोप से पुलिस अधिकारी भी अछूते नहीं रहे हैं,लेकिन जब यौन शोषण के आरोपों से कोई बड़े अधिकारी घिरते हैं,तब सनसनी मच जाती है।कुछ ऐसा ही हुआ है रेल डीआईजी और एससीआरबी राजीव रंजन के साथ।बताया जा रहा है कि,रेल डीआईजी के विरुद्ध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर सीआईडी ने अपनी जांच पूरी कर ली है।जांच के क्रम में एक महिला द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोप सही पाए गए हैं।इस तरह की स्थिति में रेल डीआईजी अब बुरी तरह से फंसते नजर आ रहे है।हालांकि मामला चार साल पुराना है।दरअसल,बीते 2018 में फेसबुक के जरिए आईपीएस राजीव रंजन की नजदीकियां झारखंड की एक महिला से बढ़ी।वह हैदराबाद में रह रही हैं।धीरे-धीरे यह नजदीकियां गहरी होती गयी।इस मामले में महिला का आरोप है कि,बीते 2018 के अप्रैल में डीआईजी नेशनल पुलिस एकेडमी की कार से वनस्थलीपुरम थाना क्षेत्र स्थित उनके घर पहुंच गए।इतना ही नहीं,अकेली पाकर उनके द्वारा यौन शोषण भी किया गया।एक बार शुरु हुआ यौन शोषण का दौर चलता ही रहा।महिला का यह भी आरोप है कि,जब उसने इस रिश्ते को खत्म करने की कोशिश की,तो डीआईजी साहब अपने पद का धौंस दिखाते हुए धमकाने लगे।

पीड़िता का आरोप है कि, डीआईजी ने अपने पद का धौंस तो दिखाया ही,बाद में छोटे भाई के ससुर द्वारा अगमकुआं थाने में 19 जुलाई 2018 को महिला और उसके पति के विरुद्ध आईटी एक्ट के साथ-साथ रंगदारी का मामला भी दर्ज करा दिया।महिला का कहना था कि,डीआईजी यहीं नहीं रुके,थाना,अनुमंडल के पुलिस अफसर,जेल अधिकारी सहित अन्य लोगों के जरिए किसी भी नियम-कानून तोड़ने से बाज नहीं आए।

डीआईजी की करतूत से आजिज आकर पीड़िता द्वारा राजीव रंजन तथा उनके मददगारों के विरुद्ध बेटे को अगवा करने,पति को झूठे केस में फंसाने और टॉर्चर करने को लेकर डीजीपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।पीड़िता के भाई ने भी अक्टूबर 2018 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पूरे शिकायत की पोटली खोलकर रख दी।जिसके बाद मामले में संज्ञान लिया गया।लेकिन मामला चूंकि एक आईपीएस से जुड़ा था, इसीलिए जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया गया।दुखद यह रहा कि,इस दौरान गुजरे इन चार वर्षों के बीच एक हादसे में पीड़िता के भाई की मौत हो गई।

सीआइडी ने जांच के दौरान रेल डीआईजी के साथ-साथ एक डीएसपी,अगमकुआं के थानेदार,अनुसंधान अधिकारी सहित कई पुलिस अधिकारियों,एक डॉक्टर, और बेउर जेल के अधिकारियों को भी दोषी करार दिया है।जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए सभी के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।